कभी ठीक से अपने ही बिछाने पर सो भी तो नही सकते

कभी ठीक से अपने ही बिछाने पर सो भी तो नही सकते,
ए ज़िन्दगी महसूस तो कर सकते है पर छू भी तो नही सकते

काश अब ये भी समज ले कि कोशिश नही की थी हमने,
कुछ भी हो जाये लेकिन मुश्किलो से डर भी तो नही सकते

आदते डाल दी है हमने यू  सबको गले लगाकर मुस्कुराने की,
पता है कि हम उनके है लेकिन वो हमारे हो भी तो नही सकते

चलो एक बार फिर वादा करो मिलने का,फिर से बिछड़ने का,
साथ चलने का वादा करेंगे पर साथ चल भी तो नही सकते

– हार्दिक भट्ट

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2 Comments

  1. Mithilesh Rai - May 21, 2018, 9:25 pm

    बहुत खूब लाजवाब

  2. Anshita Sahu - May 22, 2018, 8:18 am

    nice

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