औजार

कलम की स्याही से शब्दों के औजार बनाकर,
कल्पनाओं के चित्रों को मैने सरेआम ठोक दिया।।
राही (अंजाना)

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2 Comments

  1. ज्योति कुमार - June 21, 2018, 8:18 am

    वाह

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