ए वक्त अब उससे दुर ना कर ।

ए वक्त अब उससे दुर ना कर ।

ए वक्त अब उससे दुर ना कर ,
ए वक्त इतना मुझे मजबुर मत कर।
वरना टुट जाऊँगी,
उसके बिना मुझे उससे इतन दुर ना कर,
क्योकि उसके साथ जीना फुलवारी लगता,
उसके साथ चले बिना मरना भी भारी लगता,
नींद आती मगर उसके बिना मै सो नही पाता,
मेरे आँख से कोई पुछ उसके याद मे अपना सारा अश्क निचोड़ डाला।
ए वक्त मुझे इतना मजबुर ना कर।।

ज्योति
मो न० 9123155481

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3 Comments

  1. Mithilesh Rai - June 8, 2018, 7:10 am

    बहुत खूब

  2. राही अंजाना - June 20, 2018, 11:42 pm

    वह

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