ए बादल इतना बरस

ए बादल इतना बरस कि सारी नफरतें धुल जांयें
इंसानियत तरस गई है, मोहब्बत के सैलाब को

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3 Comments

  1. ज्योति कुमार - July 3, 2018, 6:02 am

    वाह बहुत

  2. राही अंजाना - July 3, 2018, 2:35 pm

    Waah

  3. Yogesh Chandra Goyal - July 13, 2018, 3:39 pm

    धन्यवाद

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