उजाला

उजाला पाने की छह मैं में,
चलता रहा चलता रहा

पर अँधेरा बस अँधेरा
रह मैं मिलता गया

-विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-

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4 Comments

  1. Arun - July 10, 2018, 11:52 pm

    Kya khoob likha hai

  2. Akanksha - July 12, 2018, 8:09 pm

    ??

  3. Vinita Shrivastava - July 18, 2018, 6:11 pm

    धन्यवाद

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