इक फरियाद

इक फरियाद थी मेरे दिल की
आरजू थी इक दबी दबी सी
सब अधूरी ही रह जायेंगी
कह कर गया था वो अभी

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

H!

2 Comments

  1. Mithilesh Rai - April 12, 2018, 9:59 pm

    Very nice

Leave a Reply