आवाज को नहीं, अपने अलफ़ाज़ को ले जाओ बुलंदी पर

आवाज को नहीं, अपने अलफ़ाज़ को ले जाओ बुलंदी पर
बादलों की गरज नहीं, बारिश की बौछार फूल खिलाती है

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3 Comments

  1. राही अंजाना - July 26, 2018, 5:35 pm

    वाह

  2. Antariksha Saha - July 26, 2018, 8:01 pm

    awesome lines sir

  3. ज्योति कुमार - July 26, 2018, 9:27 pm

    बहुत अच्छा

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