आज फिर …

कुछ लिख कर आज फिर
मिटा दिया,
कुछ बना कर आज फिर
बिगाड़ दिया,
वो आज भी नहीं आएगा
मालूम है हमे, पर
फिर भी उसके आने के
इन्तजार मे खुद को फिर
सँवार लिया !

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सर्वश्रेष्ठ हिन्दी कहानी प्रतियोगिता


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4 Comments

  1. Vipul Mishra - May 22, 2017, 11:27 pm

    बेहतरीन

  2. Kumar Bunty - May 22, 2017, 10:38 pm

    GOOD

  3. Profile photo of Anirudh sethi

    Anirudh sethi - May 22, 2017, 9:40 pm

    nice

  4. Profile photo of Ramesh Singh

    Ramesh Singh - May 22, 2017, 8:51 pm

    Behtareen panktiya

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