आजादी

आजादी

स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाये।

गुलामी में भी हमारे दिल में देश की शान काफी थी,

तोड़ देते थे होंसला अंग्रेजो का हममे जान काफी थी,

पहनते थे कुर्ता और पाजामा खादी की पहचान काफी थी,

गांधी जी के मजबूत इरादों की मुस्कान काफी थी,

आजाद भारत देश को स्वतंत्र भाषा विचार को,

लड़ कर मर मिट जाने की तैयार फ़ौज काफी थी,

गुलामी की जंजीरों से जकड़े रहे हर वीर में,

स्वतंत्र भारत माँ को देखने की तस्वीर काफी थी॥

राही (अंजाना)


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3 Comments

  1. Profile photo of Ajay Nawal

    Ajay Nawal - August 15, 2016, 4:20 pm

    kaabil e taarif 🙂

  2. Profile photo of Simmi garg

    Simmi garg - August 15, 2016, 1:07 pm

    bahut khoob ji

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