आओ कर दे हम आजादी भगत सिंह के नाम |

अंग्रेज रूपी कंश हेतु वह तो कृष्ण कलेवर था ,
करतूश को भोजन माना फंशी को जेवर था ,
वतन के लिये डर न पाया जेल की काली रातो से,
उसका वर्णन करू मैं कैसे कलम की अपनी बातो से ,
दे दी हमें आजादी लेकर खुद पर वो अंजाम ,
आओ कर दे हम आजादी भगत सिंह के नाम |

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सर्वश्रेष्ठ हिन्दी कहानी प्रतियोगिता


समयसीमा: 24 फ़रवरी (सन्ध्या 6 बजे)

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5 Comments

  1. Abhishek Arya - March 23, 2017, 11:13 am

    BEHATAR

  2. JYOTI BHARTI - March 18, 2017, 12:52 pm

    Nice

  3. Shakun Saxena - March 18, 2017, 12:46 pm

    Waah

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