अहसास-ऐ-तन्हाई

इसलिए भी अंधेरे की पनाह मे चला जाता हु में
के मेरे गम-ऐ-दिल को अहसास-ऐ-तन्हाई न हो…………!!  (d k)

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6 Comments

  1. Mithilesh Rai - January 10, 2017, 10:40 pm

    बेहतरीन सृजन

  2. Panna - January 8, 2017, 11:33 pm

    kya baat he….bahut khoob!

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